Tuesday, December 20, 2011

बादलों ने फिर शरारत की
धरती के नाम विरासत की
नदियों का जल इक_ïा हो गया
तब समुंदर ने बगावत की

छत्तीसगढ़ की राजनीति तथा प्रशासन में ए,आर, और एस अक्षर से शुरू होने वाले नामधारी लोगों का बड़ा दबाव है। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल महामहिम शेखर दत्त (एस) मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह (आर) पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (ए) पुलिस प्रमुख अनिल एम नवानी (ए) जेल प्रमुख संतकुमार पासवान(एस) प्रदेश के वरिष्ठï आईएएस सुनील कुमार (एस) भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर पैकरा (आर) महिला कांगे्रस अध्यक्ष अंबिका मरकाम (ए) इस श्रेणी में शामिल हैं तो एन नाम धारियों में विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल, प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, प्रमुख आईएएस नारायण सिंह शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष धर्मलाल कौशिक (डी) मुख्य सचिव पी जॉय उम्मेन (पी) तथा डीजी होमगार्ड विश्वरंजन (व्ही) के प्रथम अक्षरवाले लोगों की संख्या जरूर कम है।
छत्तीसगढ़ राज्य में 'एÓ, 'आरÓ तथा 'एसÓ नाम की शुरूवात वाले व्यक्ति पूरे फार्म में हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार सहित प्रमुख विपक्षी दल कांगे्रस की बात करें तो इन नाम वाले चर्चा में हैं। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल महामहिम शेखर दत्त 'एसÓ नाम वाले हैं तो प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी 'एÓ तथा पिछले 8 सालों से भाजपा सरकार के मुखिया बने डॉ. रमन सिंह 'आरÓ नाम वाले हैं। डॉ. रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह का विवाह 'एÓ नाम वाली 'एश्वर्याÓ से हुआ है तो अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी 'आरÓ नाम वाली है। वहीं जोगी दंपत्ति के पुत्र अमित का विवाह भी 'आरÓ नाम वाली ऋचा से 2 दिन पूर्व ही संपन्न हुआ है। अजीत और अमित 'एÓ नाम वाले हैं तो रेणु और ऋचा 'आरÓ नाम वाली है। वैसे डॉ. रमन सिंह की पत्नी वीणा सिंह डी जी विश्वरंजन विक्रम सिसोदिया 'व्हीÓ नाम वाले होकर भी चर्चा में हैं तो विधानसभा अध्यक्ष धर्मलाल कौशिक 'डीÓ उपाध्यक्ष नारायण चंदेल, गृहमंत्री ननकीराम कंवर, वरिष्ठ सांसद नंदकुमार साय तथा मुख्यसचिव की दौड़ में शामिल नारायण सिंह, कांगे्रस अध्यक्ष नंदकुमार 'एनÓ नामधारी है तो 'पीÓ नाम धारी जॉय उम्मेन भी कम चर्चा में नहीं है। पी नामधारी बृजमोहन अग्रवाल, बद्रीधर दीवान भी चर्चा में रहते हैं।
'एÓ नामधारियों में अपने बयानों के लिये चर्चा में स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक अनिल एम नवानी, छत्तीसगढ़ प्रेम में अपनी अखिल भारतीय सेवा को त्यागने वाले अमन सिंह, एडीजी तथा ओएसडी ए एन उपाध्याय, हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष मेजर अनिल सिंह, पापुनि के अध्यक्ष अशोक शर्मा, पिछला विस चुनाव हारकर वित्त आयोग के अध्यक्ष बने अजय चंद्राकर, बिलासपुर के पुलिस महानिदेशक ए डी गौतम, आईपी एस अफसर आनंद तिवारी भी चर्चा में हैं।
'आरÓ नाम वालों की चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे, छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री राजेश मूणत, राम विचार नेताम, छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ सांसद रमेश बैस, भाजपा के संगठन प्रमुख रामप्रताप सिंह, बर्खास्त कर्मचारी से उसी विभाग के सर्वेसर्वा बने राधाकृष्ण गुप्ता, आईएएस आर पी मंडल रायपुर, दुर्ग में पुलिस कप्तान रह चुके तथा वर्तमान में आईजी दुर्ग के पुलिस महानिरीक्षक होमगार्ड आर सी पटेल, डीआईजी रविन्द्र भेडिय़ा, कप्तान आर एल डांगी भी कम चर्चा में नहीं हैं।
एस नाम वाले भी
'एसÓ शब्द से नाम शुरू होने वालों में सबसे बड़ा नाम है। राज्यपाल महामहिम शेखर दत्त का। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय रायपुर संभाग के आयुक्त भी शेखर दत्त रह चुके हैं। वहीं नौकरशाहों में मुख्य सचिव बनने में सशस्त्र दावेदारी करने वाले सुनील कुमार का नाम भी इस श्रेणी में शामिल है। बस्तर के आदिवासी अंचल से अपनी नौकरी की शुरूआत करने वाले सुनील कुमार भी रायपुर के कलेक्टर रह चुके हैं। कभी रायपुर में अपर कलेक्टर निगम प्रशासक रहने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव बनकर सेवा निवृत्त होकर आजकल सत्ताधारी दल के करीबी शिवराज सिंह भी एक बड़ा नाम है। दुर्ग में महापौर फिर विधायक और सांसद बनकर रिकार्ड बनाने वाली सुश्री सरोज पांडेय भी 'एसÓ श्रेणीधारियों का नेतृत्व करती हैं। जेल महानिदेशक संतकुमार पासवान भी पहले पुलिस कप्तान रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, आईजी बस्तर, रायपुर रह चुके हैं। मुख्यमंत्री के काफी करीबी सुबोध सिंह, संजीव बख्शी, क्रेडा के एस के शुक्ला भी एस नामधारी ही हैं।
भाजपा सरकार के प्रमुख संगठन प्रभारी सौदान सिंह भी छत्तीसगढ़ में जाना पहचाना तथा चर्चित नाम है। इनके अलावा शिवप्रताप सिंह, सुभाष राव, शिवरतन शर्मा, सच्चिदानंद उपासने, श्याम बैस, सुनील सोनी, संतोष पांडे, आईएएस सुब्रत साहू, एस एस बजाज भी कम चर्चा में नहीं है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष बने शरद जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति सच्चिदानंद जोशी, रविवि के कुलपति एस के पांडे भी 'एसÓ नामधारी हंै। कवि पदमश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे की चर्चा तो और भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पिछले 11 सालों से वे ओएसडी बने हुए हैं। अजीत जोगी के समय भी थे और डॉ. रमन सिंह के समय भी हैं। एक और नाम की भी चर्चा जरूरी है। जनसंपर्क विभाग के स्वराज कुमार दास भी राज्य बनने के बाद से अभी तक मुख्यमंत्री का जनसंपर्क सम्हाल रहे हैं।
एक तिहाई विधायक भी
छत्तीसगढ़ की 90 सदस्यीय विधानसभा में करीब एक तिहाई से अधिक विधायक 'एÓ, 'आरÓ और 'एसÓ से शुरू वाले नामधारी हैं। यह भी एक रिकार्ड ही है। वैसे ये सभी विधायक भाजपा, कांगे्रस और बसपा के हैं।
सुश्री रेणुका सिंह (प्रेमनगर) राम विचार नेताम (रामानुजगंज), सिद्धनाथ पैकरा (सामरी), रामदेव राम (लुण्ड्रा), अमरजीत भगत(सीतापुर), रामपुकार सिंह (पत्थल गांव), डॉ. शक्राजीत नायक (रायगढ़), ओमप्रकाश राठिया (धरमजयगढ़) राम दयाल उइके (पाली-तानाखार) अजीत जोगी (मरवाही) डॉ. रेणु जोगी (कोटा) राजूसिंह ठाकुर (तखतपुर), अमर अग्रवाल (बिलासपुर), सौरभ सिंह (अकलतरा), श्रीमती सरोजा मनहरण राठौर (सक्ती), महंत राम सुंदरदास (जैजैपुर), अग्निचंद्राकर (महासमुंद), डॉ. शिव डहरिया (बिलाईगढ़), राजकमल सिंघानिया (कसडोल), राजेश मूणत (रायपुर पश्चिम), रुद्र कुमार गुरु (आरंग), अभिषेक शुक्ला (राजिम), श्रीमती अंबिका मरकाम (सिहावा), रविंद्र चौबे (साजा), मो. अकबर (पंडरिया), सियाराम साहू (कवर्धा), रामजी भारती (डोंगरगढ़), डॉ. रमन सिंह (राजनांदगांव), शिवराज सिंह उसारे (मोहला-मानपुर), श्रीमती सुमित्रा मारकोले (कांकेर), सुभाऊ कश्यप (बस्तर), संतोष बाफना (जगदलपुर), शामिल हैं। वहीं प्रमुख पूर्व विधायकों में रामचंद्र सिंहदेव, स्वरूपचंद जैन, सत्यनारायण शर्मा, शंकर सोढ़ी, रमेश वल्र्यानी आदि के नाम प्रमुख हैं।
मीडिया प्रमुख
राजधानी से निकलने वाले समाचार पत्र तथा इलेक्ट्रानिक्स मीडिया में भी संपादकों और ब्यूरोचीफ में ए आर और एस नाम वालों की प्रमुखता है। प्रिंट मीडिया में सर्वश्री श्याम वेताल, राजीव सिंह, रवि भोई, राजेंद्र शर्मा, शंकर पांडे, राम अवतार तिवारी, अनिरुद्ध दुबे, सुनील कुमार, राजीव रंजन, अशोक भटनागर, अशोक साहू, (वार्ता) राजेंद्र शुक्ला (आरएनएस), एजाज केसर, आर कृष्णादास, शेष करण जैन, अरविंद अवस्थी आदि के नाम शामिल हैं तो इलेक्ट्रानिक मीडिया में सर्वश्री रुचिर गर्ग, शिरीष मिश्रा, सुनील नामदेव, शैलेष पांडे, संजय शेखर, संदीप ठाकुर के नाम प्रमुख हैं। जहां तक जनसंपर्क संचालनालय की बात है तो आयुक्त अशोक अग्रवाल, सहायक संचालक एस आर कुरैटी, स्पराज कुमार दास, संतोष सिंह, संजय नैय्यर, राजेश श्रीवास के नाम इस श्रेणी में शामिल किये जा सकते हैं।
और अब बस
(1)
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र के विवाह समारोह में पहुंचे वरिष्ठ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से कुछ लोगों ने वहां आटोग्राफ लिया और साथ में फोटो भी खिंचवाया। एक टिप्पणी... कांगे्रसी उनका महत्व समझते हैं पर भाजपा का राष्ट्रीय संगठन क्यों समझने तैयार नहीं है?
(2)
अमित के विवाह समारोह में उन्हें आशीर्वाद देने गृहमंत्री ननकीराम कंवर को भी भारी भीड़ के चलते इंतजार करना पड़ा एक टिप्पणी... उनकी ही पार्टी वालों ने अपनी छवि खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
(3)
पिछले विधानसभा चुनाव में शुरूआती परिणामों पर ही पूर्व मुख्यमंत्री को बधाई देने पहुंचने वाले एक आईएएस अफसर की विवाह समारोह में सक्रियता चर्चा में रही, वैसे वे दिल्ली जाने की मानसिकता बना चुके हैं।

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